रांची : झारखंड में एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत एक वरिष्ठ पदाधिकारी को लेकर बीते कुछ दिनों से चल रही चर्चाओं पर अब धीरे-धीरे विराम लगता दिखाई दे रहा है। प्रशासनिक गलियारों में उठ रही अटकलों और चर्चाओं के बीच अब यह संकेत मिल रहा है कि स्थिति उतनी स्पष्ट नहीं है जितनी बताई जा रही थी, बल्कि मामला अब भी कई स्तरों पर गोपनीय बना हुआ है।
सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार से जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार कुछ दिन पहले संबंधित पदाधिकारी द्वारा इस्तीफा देने के लिए आवेदन दिया गया था। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि अब तक उस इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया है। यही कारण है कि पूरे मामले को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, और स्पष्ट रूप से कुछ भी सामने नहीं आ पाया है।
यह पहला मौका नहीं है जब इस पद को लेकर इस प्रकार की परिस्थितियां बनी हों। इससे पूर्व भी राज्य और केंद्र के बीच इस पद को लेकर कई बार खटास और टकराव की स्थिति देखने को मिल चुकी है। प्रशासनिक समन्वय और अधिकार क्षेत्र को लेकर पहले भी मतभेद सामने आते रहे हैं, जिससे यह पद हमेशा चर्चा में बना रहता है।
गौरतलब है कि इससे पहले इसी पद पर कार्यरत एक पदाधिकारी ने अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिसने सभी को चौंका दिया था। उस घटना के बाद से ही इस पद को लेकर संवेदनशीलता और बढ़ गई थी। वर्तमान पदाधिकारी के संदर्भ में भी कुछ दिनों पहले इस्तीफा देने की चर्चाएं तेज हो गई थीं, जिससे एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
हालांकि, अब विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि इस्तीफा दिया जरूर गया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया है। ऐसे में यह मामला अभी भी ‘राज’ बना हुआ है।
कुल मिलाकर, यह कहा जा सकता है कि झारखंड के इस महत्वपूर्ण पद को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। चर्चाएं भले ही धीमी पड़ रही हों, लेकिन अंदरखाने क्या चल रहा है, यह अभी भी पर्दे के पीछे कुछ और ही है । आने वाले दिनों में ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज अफवाह थी या फिर वास्तव में कोई बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया जाने वाला ।




