रांची: आज के बदलते दौर में ईमानदारी एक ऐसा गुण बन गया है, जिसकी तारीफ तो हर कोई करता है, लेकिन उसे अपनाने वालों को अक्सर इसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है। सच बोलने वाला व्यक्ति कई बार लोगों की आंखों की किरकिरी बनकर खटकने लगता है, क्योंकि सच हमेशा सबको पसंद नहीं आता। यही कारण है कि ईमानदार इंसान को कई बार उपेक्षा, विरोध और परेशानियों का खामियाजा भुगतना पड़ता है।कार्यालयों में हो, व्यापार में हो या फिर सामाजिक जीवन में, जो व्यक्ति नियमों और सिद्धांतों पर चलता है, उसे अक्सर कठिन रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई बार उसके साथी आगे निकल जाते हैं, क्योंकि वे समझौते कर लेते हैं, जबकि ईमानदार व्यक्ति अपने उसूलों से समझौता नहीं करता। परिणामस्वरूप उसे अवसरों से वंचित होना पड़ता है, लेकिन उसके आत्मसम्मान की चमक कभी फीकी नहीं पड़ती।
ईमानदारी का खामियाजा यह भी है कि ईमानदार व्यक्ति गलत को गलत कहने का साहस रखता है। यही साहस कई लोगों को असहज कर देता है। ऐसे लोग अक्सर साजिशों, आरोपों और दबावों का सामना करते हैं। उनके रास्ते में बाधाएं खड़ी की जाती हैं, ताकि वे अपने सिद्धांतों से पीछे हट जाएं। लेकिन जो वास्तव में ईमानदार होता है, वह परिस्थितियों के आगे झुकने के बजाय अपने मूल्यों पर अडिग रहता है।हालांकि, ईमानदारी का तत्काल लाभ हमेशा दिखाई नहीं देता, लेकिन समय सबसे बड़ा न्यायाधीश होता है। जो लोग आज ईमानदार व्यक्ति का मजाक उड़ाते हैं, वही कल उसकी मिसाल देते हैं। धन, पद और प्रतिष्ठा अस्थायी हो सकते हैं, लेकिन ईमानदार की पूंजी जीवनभर साथ रहती है।इसलिए यदि ईमानदारी का खामियाजा भी भुगतना पड़े, तो यह कोई नुकसान नहीं बल्कि एक सम्मान है। क्योंकि दुनिया में बहुत लोग सफल हो जाते हैं, लेकिन सम्मानित वही होते हैं, जिनकी पहचान उनके ईमानदारी,चरित्र और सत्यनिष्ठा से होती है। **ईमानदारी कठिन जरूर है, मगर अंततः यही इंसान की सबसे बड़ी ताकत , धन और सबसे बड़ी पहचान बनती है।





