जमशेदपुर : जमशेदपुर के चिर परिचित मानगो ब्रिज पर लगातार होने वाले ट्रैफिक जाम के कारण एम्बुलेंस में हुए प्रसव मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए केस संख्या 681/34/6/2025 के तहत मामला पंजीकृत किया है तथा झारखंड के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।यह मामला शहर के मानवाधिकार कार्यकर्ता मनोज मिश्रा द्वारा आयोग के समक्ष रखा था। शिकायत में कहा गया था कि 3 मई 2025 को मानगो ब्रिज पर लंबे ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण गर्भवती महिला माला रानी भगत को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और उसे असहाय पीड़ा के बीच एम्बुलेंस में ही प्रसव करना पड़ा।

शिकायत में इसे प्रशासनिक लापरवाही तथा मानवाधिकारों एवं मौलिक अधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बताया गया था। जिस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड सरकार से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने यह स्पष्ट करने को कहा है कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं, संबंधित अधिकारियों की क्या भूमिका रही, पीड़िता को किस स्तर की चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है। वहीं मनोज मिश्रा ने मांग की है कि एम्बुलेंस को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए स्थायी इमरजेंसी एम्बुलेंस कॉरिडोर बनाया जाए ताकि गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपातकालीन रोगियों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की भी मांग की है. बहरहाल एनएचआरसी द्वारा मुख्य सचिव को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब सभी की निगाहें झारखंड सरकार की रिपोर्ट और आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।






