दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : मौलाना मसूद अजहर, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख, ने बुधवार को स्वीकार किया कि भारत द्वारा बहावलपुर में किए गए मिसाइल हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार नजदीकी साथी मारे गए हैं। उसके बयान के अनुसार, हमले में उसकी बड़ी बहन, बहनोई, एक भांजा और उसकी पत्नी, एक भांजी तथा पांच छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इस हमले में उसके तीन विश्वासपात्रों और एक की मां की भी मृत्यु हो गई है।

उसने इस कार्रवाई को ‘निर्दयता की पराकाष्ठा’ बताते हुए कहा कि अब कोई सहानुभूति की अपेक्षा नहीं की जा सकती। 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईसी-814 के यात्रियों की रिहाई के बदले अजहर को जेल से छोड़ा गया था। तब से बहावलपुर में उसका संगठन सक्रिय है। मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया, जब चीन ने इस पर रोक हटाई। अजहर 2019 से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखा और माना जाता है कि वह छिपा हुआ है। जैश भारत पर कई घातक हमलों में शामिल रहा है, जिनमें संसद, जम्मू-कश्मीर विधानसभा, पठानकोट और पुलवामा हमले प्रमुख हैं। पाकिस्तान की पंजाब मंत्री ने बताया कि घायल नागरिकों का इलाज विक्टोरिया अस्पताल में चल रहा है, जबकि सेना ने 26 मौतों और 46 घायल होने की पुष्टि की है।




