दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : अनुराग गुप्ता की डीजीपी पद पर नियुक्ति से जुड़ी अवमानना याचिका पर अब 6 मई को सुनवाई नहीं होगी, क्योंकि इसे सुप्रीम कोर्ट की 6 मई की Cause List में शामिल नहीं किया गया है। इस याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व दिशा-निर्देशों के विपरीत यह नियुक्ति हुई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा दाखिल याचिका में मुख्य सचिव, अनुराग गुप्ता और चयन समिति के सदस्यों को उत्तरदाता बनाया गया है।

मार्च में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस भेजकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था और मई के पहले सप्ताह में सुनवाई का संकेत दिया था। हालांकि अब तक राज्य सरकार ने कोई हलफनामा जमा नहीं किया है। यह मामला सिर्फ न्यायिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी गहन चर्चा का विषय बना हुआ है। केंद्र सरकार ने अनुराग गुप्ता को 30 अप्रैल 2025 को सेवा से मुक्त करने का आदेश दिया है, citing ऑल इंडिया सर्विस रूल्स के तहत अधिकतम आयु सीमा 60 हैं। वहीं राज्य सरकार ने इस पर आपत्ति जताते हुए अपने नियमों का समर्थन किया है। इस मुद्दे को लेकर सरकारों के बीच विवाद गहरा गया है, और फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।




