रांची : जामताड़ा और नारायणपुर प्रखंड में शनिवार को शिक्षा विभाग ने फिर सख्त कदम उठाया। लगातार दूसरे दिन 44 सहायक शिक्षकों को सेवा से हटा दिया गया। इससे पहले शुक्रवार को करमाटांड क्षेत्र में 21 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई थीं। इस प्रकार कुल 65 व्यक्तियों को दो दिनों में पद से मुक्त किया गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जारी निर्देश में कहा गया कि इनकी शैक्षणिक योग्यताएं ऐसे संस्थानों से प्राप्त थीं जिन्हें राज्य सरकार मान्यता नहीं देती। प्रयागराज स्थित हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से प्राप्त प्रमाण-पत्रों के आधार पर इनकी भर्ती 2004 से 2013 के बीच की गई थी। शासन ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रमाण-पत्रों पर आधारित नियुक्ति अवैध मानी जाएगी। संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी तथा संकुल समन्वयकों को निर्देशित किया गया है कि इन व्यक्तियों को किसी भी प्रकार के शैक्षिक कार्य में न लगाया जाए। साथ ही जून माह से इनका मानदेय भी रोक दिया जाए। इस कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा संकेत गया है।




