जमशेदपुर : नवनियुक्त उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने पहली बार जिला समन्वय समिति की बैठक का नेतृत्व करते हुए विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान पेयजल और स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार को ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति की बिगड़ी स्थिति पर कड़ी फटकार लगी।

उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि यदि वे स्वयं क्षेत्र का दौरा करें, तो लोगों का आक्रोश अभियंता पर फूट पड़ेगा। उन्होंने खराब चापानलों की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए। भवन निर्माण, आरईओ, पशुपालन सहित अन्य विभागों के पदाधिकारियों को भी योजनाओं की धीमी प्रगति पर चेतावनी दी गई। मनरेगा योजना अंतर्गत बने 26 आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर भ्रम की स्थिति पर उपायुक्त नाराज हुए। बीडीओ का कहना था कि भवन अपूर्ण हैं, जबकि सीडीपीओ ने निर्माण पूर्ण होने की पुष्टि की। इसपर उपायुक्त ने बीडीओ को अधूरी जानकारी के साथ बैठक में शामिल न होने की नसीहत दी।सिंह मुंडा व मुसाबनी की बीडीओ भी समीक्षा में चूक के कारण आलोचना का सामना करना पड़ा। वहीं, एलडीएम के अनुपस्थित रहने और स्थानापन्न कर्मचारी द्वारा सही जानकारी न देने पर उपायुक्त ने उन्हें बैठक से बाहर कर दिया।




