जमशेदपुर : कोल्हान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल में आत्महत्या का दौर जारी है अस्पताल बनकर डेढ़ वर्ष होने को है और विगत 6 महीने में लगभग तीन इलाजरत मरीजो ने चौथे और सातवीं तल्ले से कूद कर अपनी जान दे दी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई पहल शुरू नहीं की गयी है. वैसे सात तल्ले के इस अस्पताल में लगभग 1346 खिड़कियां हैं ऐसे में कौन कहां से किस खिड़की से कूद जाए यह बताना मुश्किल है. लेकिन जब दूसरी बार मरीज के द्वारा आत्महत्या की थी तब तत्कालीन उपाध्यक्ष जुझार माझी ने त्वरित कार्यवाई करते हुए खिड़कियों में लॉक सिस्टम लगाने की पहल की थी लेकिन जब तक खिड़कियों मे लॉक लगाए जाते हैं तब तक उनका तबादला कर उन्हें सरायकेला का सिविल सर्जन बना दिया गया इसके बाद पूरा पहल ठंडे बसते में चला गया और फिर 2 महीने के अंदर ही बीते दिन पुलिस की मौजूदगी में ही सात तल्ले से कूद कर कैदी ने आत्महत्या कर ली.

इस घटना के बाद से सबको सकते ने डाल दिया और कौन कहां से कूद कर अपनी जान दे दे यह हमेशा संशय बना हुआ है. इसे लेकर अस्पताल अधीक्षक बलराम झा ने कहा कि खिड़कियों मे ग्रिल या जाली लगाने का एक प्रस्ताव पत्र विभाग को भेजा गया है अब जो भी करना है सरकार ही करेगी ऐसे में देखना है कि आखिर कितने और अस्पताल से कूद कर जान देने के बाद सरकार और विभाग जागेगी और पहल शुरू करेगी.




