जमशेदपुर : वन विभाग द्वारा शहर में बनाए गए पार्कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। इन पार्कों का निर्माण लाखों रुपए खर्च करके किया गया था, लेकिन कुछ ही वर्षों में ये जर्जर हो गए। अब इन्हीं की मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, मगर स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।

मानगो क्षेत्र में बनाए गए तीन प्रमुख पार्कों की दशा दयनीय है। कहीं चलने के लिए समुचित मार्ग नहीं हैं, तो कहीं बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। लाइट्स केवल दिखावे के लिए हैं, क्योंकि वे कार्य नहीं करतीं। इन उपेक्षित स्थलों पर अब असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पृथ्वी उद्यान की मरम्मत 2018 से चल रही है, लेकिन वादा किए गए झरने, बेंच, गैलरी और तालाब का अब तक कोई अता-पता नहीं है। वहीं नेचर पार्क और स्मृति पार्क में बच्चों के खेल, व्यायाम और खाने-पीने की सुविधाएं देने की योजना भी अधूरी रह गई है। विभाग केवल दावे करता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है। करोड़ों खर्च होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि योजना से अधिक उद्देश्य धन का दुरुपयोग रहा है।




