Saraikela (संजीव मेहता) :
सहारा गार्डन सिटी रेजिडेंस की महिला क्लब की सदस्यों ने एक भव्य और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नृत्य और गीतों की प्रस्तुति के साथ उल्लास एंव उत्सवपूर्ण माहौल में धूमधाम से सावन महोत्सव का आयोजन किया. इस कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं को एक मंच प्रदान किया, बल्कि पारंपरिक भारतीय लोकसंस्कृति और त्योहारों की समृद्ध विरासत को भी जीवंत कर दिया. सर्वप्रथम होटल की महिला स्टाफ द्वारा महिला क्लब की सभी सदस्यों को पारंपरिक ढंग से कुमकुम तिलक एवं पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया. कार्यक्रम में महिलाओं ने मेहंदी रची हाथों से ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया एवं सावन के गीत के साथ कई लोकगीत भी गाए और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किया. इस मौके पर पारंपरिक परिधान पहनकर और सोलह शृंगार में सजी –धजी महिला सखियों ने शिव-पार्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की एवं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. महिलाएं पारंपरिक हरे परिधान, चूड़ियाँ, बिंदी, गजरे और श्रृंगार से सजधजकर आईं, जिससे पूरा माहौल हरियाली और उत्सव से सराबोर हो गया. महोत्सव में क्लब की महिलाओं ने विभिन्न पारंपरिक और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया.

चूड़ी जो खनकी हाथों में याद पिया की आने लगी हाय, भीगी-भीगी रातों में……, छतरी ना खोल बरसात में भीग जाने दे-भीग जाने दे भीगी रात में…. गोरी है कलाईयाँ तू लादे मुझे हरी हरी चूड़ियाँ अपना बनाले मुझे बालमा…. ये जो तेरी पायलों की छन-छन है,आशिक़ों के दिल की ये धड़कन है….. जैसे सदाबहार गानों पर जम कर महिलाओं ने ताल मिलाये और खूब धमाल मचाया. वहीं कई महिलाओं ने अपनी शुमधुर आवाज में दिल तो है दिल, दिल का ऐतबार क्या कीजे…… बाबूजी धीरे चलना, प्यार में ज़रा संभलना हाँ, बड़े धोखे हैं, बड़े धोखे हैं इस राह में …… जैसे गानों से कार्यक्रम को शानदार बना दिया. कार्यक्रम के आयोजन में ज्योति सिन्हा, सुनीता सब्रत, डिंपी जी, एंव रीता भगत ने विशेष योगदान दिया एवं सावन महोत्सव कार्यक्रम में बडी संख्या में सहारा गार्डन सिटी रेजिडेंस की महिलाएं यहां मौजूद रही. सौंदर्य प्रतियोगिता में प्रीति सिन्हा सावन क्वीन घोषित चुनी गयी.
कार्यक्रम में कई प्रकार के रोचक और मनोरंजक खेल का भी आयोजन प्रायोजित किया. सोलह शृंगार में सजी सखियों ने एक दूजे को सावन की बधाई दी एवं सावनी गीतों पर नृत्य कर कार्यक्रम को खूब एंजॉय किया.




