सरायकेला (संजीव मेहता) : आदित्यपुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है. करीब 5 माह पूर्व तत्कालीन गम्हरिया सीओ कमल किशोर ने सरकारी जमीन पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को रुकवाया था. लेकिन इन दिनों अवैध निर्माण अब दोगुने रफ्तार से जल रहा है. अवैध निर्माण का कार्य आदित्यपूर स्टेशन के बगल में गांधीनगर बस्ती से सटे करीब ढाई एकड़ जमीन पर चल रहा है. बता दें कि इस जमीन को जमीन माफिया से बचाने के लिए जमीन पर धारा 144 लगाया गया है। बावजूद इसके करोड़ों की जमीन प्लाटिंग कर बेची जा रही है. बता दें कि सरकारी जमीन को अवैध कब्जा मुक्त करने के लिए तीन बार बुलडोजर चला गया है। साथ ही कब्जाधारी के विरुद्ध हाई कोर्ट में केस भी चल रहा है. बता दें कि यूं तो आधी आदित्यपुर ही सरकारी जमीन पर बसी है और प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय भू माफियाओं से मिलीभगत कर केवल खानापूर्ति करती रही है. अब करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया जा रहा है. यह मामला आदित्यपुर रेलवे स्टेशन से सटे गांधीनगर के बगल में चल रहा है. यहां करीब ढाई एकड़ सरकारी जमीन है जिसपर पक्के निर्माण कार्य चल रहा है. ताजुब्ब है कि जिस सरकारी जमीन पर तीन बार अतिक्रमण हटाने के बाद धारा 144 लगा दी गई है, उस जमीन पर अब कच्चे निर्माण की जगह खुलेआम पक्का निर्माण किया जा रहा है. भू माफिया यहां धड़ल्ले से पक्का निर्माण करवा रहे हैं.

जमीन की खरीद-बिक्री करने वालों ने बताया कि यह जमीन सहारा गार्डन सिटी से सटे रेलवे स्टेशन के बगल में है. यहां की जमीन करीब 5 करोड़ रुपये एकड़ की है, अर्थात कब्जे वाली जमीन करीब 12 से 15 करोड़ रुपये की कीमत की है. इसे भू माफिया ने प्लाटिंग कर 20 से 25 लोगों को बेच दी है. करीब 5 माह पूर्व गम्हरिया के तत्कालीन सीओ कमल किशोर ने हल्का कर्मचारी और अमीन को वहां भेजकर आरआईटी थाना के पुलिसकर्मियों की मदद से निर्माण कार्य को बंद कराया था. हल्का कर्मचारी ने बताया था कि यहां तीन बार अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाकर कच्चे निर्माण को ढहाया गया है. कब्जाधारी के विरुद्ध हाई कोर्ट में केस भी चल रहा है. साथ ही कोर्ट ने यहां दोबारा निर्माण कार्य नहीं होने को लेकर धारा 144 लगाई गई है. लेकिन भू माफिया गुपचुप तरीके से पक्का निर्माण करा रहे हैं, जो कि हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है. वहीं पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो ने कहा कि पूरे मामले की स्थल जांच अंचल अधिकारी गम्हरिया से कराकर रिपोर्ट मांग रहे हैं। उसके बाद आग्रेतर कार्रवाई की जाएगी




