काराकाट (रोहतास): रिमोट से चलती नगर पंचायत की सरकार, मुख्य पार्षद कोई और है लेकिन उस पद को संभालता कोई और है – रविश रंजन, वीसी काराकाट । नगर पंचायत का सिस्टम अजीबोगरीब कहानी पेश कर रहा है। नगर की विकास कार्य पिछले दो वर्षों से अवरुद्ध हैं। उपमुख्य पार्षद और छह वार्ड पार्षदों ने मुख्य पार्षद राधिका कुमारी और उनके अभिभावक मुन्ना भारती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बने हुए दो वर्ष से अधिक हो गए, लेकिन मुख्य पार्षद और उनके अभिभावक विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। इससे नगर की सभी विकास गतिविधियाँ ठप पड़ी हैं।

वार्ड पार्षदों का कहना है कि बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्राप्त कार्यों में निजी स्वार्थ के कारण बाधा उत्पन्न की जाती है। हाल ही में नगर में जेसीबी और अन्य मशीनरी की खरीदारी की गई, लेकिन तुरंत बाद मुख्य पार्षद ने ईओ को पत्र भेजकर इस पर रोक लगाने की मांग की। हालांकि, नियमों के तहत यह खरीदारी पूरी की गई। फिर भी, पिछले कई बैठकों में मुख्य पार्षद ने कर्मचारी नियुक्ति के लिए मांग की थी, जिसे सभी सदस्यों की सहमति से मंजूरी दी गई। लेकिन जैसे ही प्रक्रिया पूरी हुई, नगर अध्यक्ष ने फिर से ईओ को पत्र देकर इस पर रोक लगाने की मांग की। इससे नाराज होकर उपमुख्य पार्षद और अन्य वार्ड पार्षदों ने विरोध जताया है। कहा की बीते दो दिन पहले एक अखबार में छापी खबर देखरक आश्चर्य चकित हो गए। जहां पिछले कई बैठकों में प्रमुखता से मुख्य पार्षद द्वारा नपं कार्यालय में कर्मी की बहाली की मांग को रखी गई। उसी बहाली को फिजूल खर्च बताते हुए कर्मी बहाली पर रोक लगाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया की अध्यक्ष ने अपने मनमर्जी के हिसाब से कर्मी को रखना चाहते है। जिस पर बात नही बनी तो आज अपने ही मांगो की विरोध कर कर्मी बहाली को फिजूल खर्च बताते हुए रोक लगाने की मांग किया गया। जो सरासर ग़लत है। नगर की मुख्य पार्षद कोई और है लेकिन उस पद को संभालता कोई और है। अपने मनमर्जी से नपं को चलाने की प्रयास किया जा रहा है। रिमोट से चलती नपं की सरकार की हम सभी लोग विरोध कर रहे है। और उच्च अधिकारियों को इस मामले में संज्ञान लेकर उचित दिशानिर्देश जारी कराने की आग्रह करते है। : उपमुख्य पार्षद, रविश रंजन इस मामले में मुझे पत्र प्राप्त हुई है। जिसमे नपं कार्यालय में कर्मी बहाली पर रोक लगाने की मांग किया गया है। पहले कई बैठकों में नए कर्मी की न्युक्ति करने की मांग नगर अध्यक्ष द्वारा की गई। जब सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई तो उसे रोक लगाने की मांग पत्र भी अध्यक्ष द्वारा ही दिया जा रहा है। वैसे जबसे मैं काराकाट नगर पंचायत की कार्यभार संभाला हूं। तभी से इन सभी परेशानियों को देख रहा हूं। इसका विरोध करने पर नपं अध्यक्ष के प्रतिनिधि द्वारा मूझपर दबाव बनाया जाता है। कई बार मेरे साथ बदतमीजी किया गया। एक बार तो कार्यालय में मुझे बाहर से ताला बंद कर दिया गया। नपं की हर कार्यों में अध्यक्ष की प्रतिनिधि बताकर धौंस दिखाया जाता है। जिससे नगर की सभी कार्य प्रभावित होती है। मैं इन सभी परेशानियों से जिलाधिकारी को अवगत कराया हूं। अध्यक्ष के प्रतिनिधि की कार्यशैली की वजह से पूरे नगर की विकास कार्य अवरूद्ध है। : नपं ईओ, सीमाब मतीन




