
जमशेदपुर : जमशेदपुर और सरायकेला जिला को उड़ीसा और बंगाल में शामिल होने से बचाने के लिए आंदोलनरत पंडित नोखे मिश्र की 113वीं जयंती पर गोलमुरी मिथिला सांस्कृतिक परिषद परिसर में स्मृति समारोह 2024 का भव्य आयोजन पंडित नोखे मिश्र मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों के द्वारा नोखे मिश्र के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया वही द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, इस मौके पर मिथिला समाज के काफी संख्या में गण मान्य लोग मौजूद थे वहीं मुख्य अतिथियों के द्वारा नोखे मिश्र की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया गया की नोखे मिश्र बिहार के दरभंगा के रहने वाले हैं 1933 में जमशेदपुर में आगमन के बाद उन्होंने कई गरीबों को रोजगार देने का कार्य किया इतना ही नहीं आगे की संघर्ष जारी रखते हुए उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण कार्य जमशेदपुर और सरायकेला जिला को राज्य विभाजन के दौरान उड़ीसा और बंगाल में सम्मिलित करने से रोकने के लिए आंदोलन किये जो अंत में उन्हें जीत मिली जिनके वजह से वर्तमान में जमशेदपुर सरायकेला झारखंड प्रदेश में है उनके इस महत्वपूर्ण कार्य को लेकर लोग हमेशा याद करते हैं इसी कड़ी में उनके 113 वीं जयंती पर इस स्मृति समारोह का आयोजन किया गया




