Saraikela (संजीव मेहता) : सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था इन्वाइरनमेंट प्रोटेक्शन फोरम ने रविवार को विश्व जल दिवस मनाया. इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में नवोदित मेयर संजय सरदार मौजूद रहे. विशिष्ट अतिथि के रूप में जन कल्याण मोर्चा अध्यक्ष ओम प्रकाश, समाजसेवी विजय शंकर मिश्रा, वार्ड 17 की पार्षद नीतू शर्मा, वार्ड 30 के सुधीर चौधरी शामिल थे. अतिथियों ने जल, नदी और प्राकृतिक संसाधनों की महत्ता बताया. इन्हें निरंजन मिश्रा, देवांग चंद्र मुखी, मनोज कुमार और दीपेंद्र नाथ ओझा ने भगवत गीता और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन फोरम के अध्यक्ष सुबोध शरण ने किया. इस मौके पर अधिवक्ता आशुतोष कुमार, पांडी मुखी, सुरेश धारी, दिवाकर झा, अकाउंट अफसर मनोज कुमार, सुशील मंडल, लक्ष्मण प्रसाद, पर्यावरण विद अमरेश कुमार, मदन सिंह, अधिवक्ता रवि शंकर पासवान आदि मौजूद रहे. मुख्य अतिथि मेयर संजय सरदार ने कहा जनता ने हमें जिस उम्मीद और विश्वास से चुना है उसपर मैं खरा उतरूंगा. पानी के लिए आदित्यपुर तरस रहा है लेकिन उम्मीद है इसी वर्ष यह समस्या दूर हो जाएगी. हमें जल संरक्षण पर भी ध्यान देने की जरूरत पड़ेगी. आप सभी नगर वासियों का सहयोग अपेक्षित रहेगा. मोर्चा अध्यक्ष अधिवक्ता ओमप्रकाश ने बताया कि पृथ्वी पर जल तो बहुत हैं लेकिन वे खारा जल है.

कुल उपलब्ध जल की 2 फीसदी ही मीठे और पीने लायक हैं. जल की अनुपलब्धता को लेकर ही संयुक्त राष्ट्र संघ हर वर्ष 1992 से विश्व जल दिवस के रूप मनाती है. जिसका उद्देश्य उपलब्ध मीठे जल का संरक्षण करना है. उन्होंने कहा कि आज नगर निगम की आबादी बढ़कर करीब 4 लाख हो चुकी है. 1967 से अब तक 40 फीसदी आबादी बढ़ी है. आज के दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में मीठे पानी के महत्व को समझाना, जल संकट के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जल संरक्षण के टिकाऊ प्रबंधन के लिए लोगों को प्रेरित करना है. क्योंकि करोड़ों लोग अभी भी सुरक्षित पानी से वंचित हैं. मेयर से निगम क्षेत्र के सभी बिल्डरों से अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का कानून को सख्ती से पालन करने की मांग की. पार्षद नीतू शर्मा ने अपनी बातें रखते हुए कहा कि जल संरक्षण में महिलाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं.
सुबह आंख खुलने से लेकर रात को सोने तक उन्हें जल की आवश्यकता पड़ती है. वार्ड 17 में 15 साल से जल संकट है. 600 फीट गहरी जलस्तर जा चुका है. महिलाएं जल को रिसाइकिल करके कई बार काम मे लाकर जल बचा सकती हैं. पार्षद सुधीर चौधरी ने कहा कि आज नदी में जल की गुणवत्ता दूषित हो चुकी है. जल की शुद्धता का जो मानक है उससे जलीय जीव भी संकट में हैं. आम लोगों को भी जल के संरक्षण भी ध्यान देने की जरूरत है. पर्यावरण विद अमरेश कुमार ने कहा कि पानी तो आ जाएगा लेकिन हमें जल संरक्षण और पानी का रिसाइकिल करने जानना जरूरी है. उन्होंने जल संरक्षण के लिए पौधरोपण को भी जरूरी बताया. पूर्व अक्षेस मेंबर डीसी मुखी ने कहा कि हमलोगों के कानूनी प्रयास से ही सीतारामपुर डैम का क्षतिग्रस्त फाटक बनवाया था, आज डैम में पर्याप्त पानी जमा रहता है. आज शहर ही नहीं गाँव के कुएं भी सूख चुके हैं, तालाबों का अस्तित्व मिट रहा है. यह बिल्डरों की मेहरबानी है. मौके पर उन्होंने मेयर को एक जल समस्या से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा.
* जल दिवस से जुड़ी मुख्य बातें:- संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1992 में इस दिवस की घोषणा की थी और पहला विश्व जल दिवस 1993 में मनाया गया था. यह दिन लोगों को याद दिलाता है कि जल जीवन का आधार है और इसके बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती.इसका उद्देश्य सुरक्षित जल तक सभी की पहुँच सुनिश्चित करने और जल के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रोत्साहित करना है. अंत में धन्यवाद ज्ञापन निरंजन मिश्रा ने किया.




