रांची : झारखंड में पहले चरण के चुनाव संपन्न होने और दूसरे चरण की तैयारी के साथ,ही नेताओं की पाला बदलने की सिलसिले भी जारी है । इसके साथ ही राजनीतिक उठापटक भी जारी है। संथाल परगना के लिट्टीपाड़ा के झामुमो विधायक दिनेश मरांडी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। भाजपा के झारखंड चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने उनका पार्टी में स्वागत किया। पार्टी में शामिल होते ही दिनेश मरांडी ने भाजपा के लिए प्रचार भी शुरू कर दिया है। दिनेश मरांडी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक थे, लेकिन पार्टी द्वारा उन्हें इस बार टिकट न दिए जाने से वे नाराज थे। झामुमो ने उनकी जगह किसी और उम्मीदवार को मैदान में उतारा दिया है , जिससे मरांडी असंतुष्ट है।

नाराजगी के बीच झामुमो ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। नोटिस में पूछा गया था कि पार्टी विरोधी कार्यों में लिप्त होने की सूचना के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। हालांकि, इस नोटिस का जवाब देने से पहले ही दिनेश मरांडी ने झामुमो को अलविदा कह दिया और भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने के बाद मरांडी ने कहा कि वे पार्टी की विचारधारा और विकास के एजेंडे से प्रभावित होकर इसमें शामिल हुए हैं। यह कदम झारखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि संथाल परगना झामुमो का मजबूत गढ़ माना जाता है। मरांडी के भाजपा में शामिल होने से क्षेत्र में भाजपा की पकड़ मजबूत हो सकती है, जबकि झामुमो को इसके राजनीतिक प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।




