नई दिल्ली / प्रतीक सिंह : पंजाब और हरियाणा की सीमा पर आंदोलन कर रहे किसानों ने शुक्रवार को दिल्ली कूच का प्रयास किया, लेकिन हरियाणा पुलिस ने भारी बल और सुरक्षा इंतजामों के जरिए इसे विफल कर दिया। तीन घंटे तक चली इस तनातनी में किसानों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। अंबाला में किसानों ने बैरिकेड्स और कंटीले तार हटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई से उन्हें पीछे हटना पड़ा। झड़प में एक दर्जन से अधिक किसान घायल हुए। किसानों ने फिलहाल दिल्ली कूच को टाल दिया है और अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करने का निर्णय लिया है। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि देर रात या कल विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक में आगामी कदमों की योजना बनाई जाएगी। संभावना है कि आठ दिसंबर को 101 किसानों का एक और जत्था दिल्ली रवाना होगा। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज और फायरिंग की, जिससे कई किसान घायल हुए हैं। फिलहाल इन घायलों का उपचार कराया जा रहा है। आंदोलनकारी किसानों ने स्पष्ट किया है कि कूच को किसी भी सूरत में रोका नहीं जाएगा और जल्द ही नई रणनीति का ऐलान किया जाएगा। इस आंदोलन के मद्देनज़र हरियाणा सरकार ने अंबाला जिले में नौ दिसंबर तक इंटरनेट सेवाएं बंद करने के आदेश दिए हैं। खासतौर पर अंबाला के सीमावर्ती 11 गांवों में यह पाबंदी लागू की गई है।

इन क्षेत्रों में स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई है। प्रभावित गांवों में डंगदेहरी, लोहगढ़, मानकपुर, डडियाना, बारी घेल, लहर्स, कालू माजरा, देवी नगर, सद्दोपुर, सुल्तानपुर और काकरू शामिल हैं। पुलिस और किसानों के बीच शंभू बॉर्डर पर लगातार झड़प होती रही। आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज से किसान पीछे हटने को मजबूर हुए। अफरा-तफरी के माहौल के बीच कुछ किसानों ने हरियाणा की सीमा में दाखिल होने की कोशिश की, लेकिन उन्हें वापस खदेड़ दिया गया। सरकार और किसानों के बीच का यह टकराव अब और गंभीर रूप लेता दिख रहा है। दिल्ली कूच के लिए किसानों का इरादा अडिग है, लेकिन सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया हुआ है। आने वाले दिनों में आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना है।




