सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिले के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के निर्देश पर उत्पाद विभाग द्वारा करवाई की जा रही है। गम्हरिया बाजार में कार्रवाई कर बापी दास को जेल भेजा गया। जब कि कई जगहों पर उत्पाद विभाग को खुलेआम चुनौती दिए जा रहे हैं। शराब माफिया, राजा के बाद अब कालीचरण,दाखिन बेसरा सहित कई जुटे हैं पैर जमाने में,कुटीर उद्योग के रूप लेता अवैध शराब , प्रशासन अनजान या जानकर अनजान। उपायुक्त के निर्देश पर कभी कभार उत्पाद विभाग द्वारा करवाई दिखावे के लिए किय जा रहे हैं।
जिले के आर आई टी चावला मोड़ के समीप अवैध शराब के सप्लाई के कारोबार करने वाल शराब माफिया राजा नामक युवक द्वारा खुलेआम उत्पाद विभाग को चुनौती दिया जा रहा है। विगत कुछ दिनों पहले भी उत्पाद विभाग के टीम द्वारा राजा के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए छापामारी कर शराब जप्त कर फरारी का एफआईआर दर्ज किया गया था। मगर तीन दिन बाद ही फिर से पूर्णरूपेण चालू कर प्रशासन को चुनौती दे डाला।

फिर से धड़ल्ले से अवैध कारोबार का काम सुचारू ढंग से बेखौफ होकर शुरू कर दिया गया है। जिससे आसपास के लोगों को कई तरह के परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। जिससे कभी भी बड़ी घटना होने की बातें कही जा रही है। वही सीतारामपुर डैम के भुआ जंगल में भी दखिन बेसरा और डोमा मांझी के अवैध शराब भाठीयों को उत्पाद विभाग द्वारा तोड कर ध्वस्त किया गया था, परंतु ठीक चौथे दिन से बड़े पैमाने पर फिर से चालू करते हुए खुलेआम उत्पाद विभाग और प्रशासन को चुनौती दिया गया। वही वास्को नगर में कालीचरण नामक व्यक्ति द्वारा खुलेआम बड़े पैमाने पर सप्लाई करते हुए, खुलेआम प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। वास्को नगर सामुदायिक शौचालय के पास तीन व्यक्तियों द्वारा महुआ और इंग्लिश बेचे जाने की बातें कही जा रही है। वास्को नगर के पूर्व के स्क्रैप टाल के इर्द-गिर्द, वास्को नगर चौक से थोड़ा सा आगे दक्षिण की ओर बढ़ने पर किराना दुकान के पास, वास्को नगर चौक से आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया जाने वाले रोड में थोड़ा सा आगे बढ़कर अल्बेस्टर के घर के समीप, सहित कई जगहों पर बेची जा रही हैं। वहीं वास्को नगर रेलवे फाटक के पास बरगद के समीप भी खुलेआम बेच जा रहे हैं। वहीं उत्पाद अधीक्षक और प्रशासन द्वारा कार्रवाई करने की बातें कहीं जा रही है। परंतु ठीक इसके उल्टे दिखाई दे रहे हैं। देखना अब यह है कि शराब माफियाओं पर उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन अंकुश लगता है, या यूं हीं शराब माफियाओं के बल्ले बल्ले चलते रहेगी।




