सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चौक, ईचागढ़ में क्षेत्र में फिर बालू को लेकर लोग होने लगे हैं, गुलबंद शीर्षक से theराष्ट्रीय न्यूज़ में प्रकाशित समाचार को वरीय अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए इसे अपने स्तर से देखने की बातें कही है, और कहां की क्या एस पी से बात हुई। the राष्ट्रीय न्यूज़ में समाचार प्रकाशित किया गया था कि ,सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र और चौका थाना क्षेत्र में एक बार फिर अवैध बालू उत्खनन को लेकर माहौल गर्माता जा रहा है।सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्रों में फिर से अवैध बालू खनन और परिवहन से आक्रोशित ग्रामीण एक बार फिर से एकजुट होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में ईचागढ़ और आसपास के बालू घाट क्षेत्रों में हुए बवाल के बाद ग्रामीणों में असंतोष और गहरा गया है, जिसके चलते गांव-गांव में गुलबंदी सूत्रों के अनुसार हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध बालू उत्खनन के कारण न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि नदियों के किनारे बसे गांवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। सड़कें खराब हो रही हैं, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और प्रशासनिक कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह गई है। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीण कभी भी सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। कुछ दिनों पूर्व में घटित घटना इसका जीता जागता उदाहरण है ,जो बवाल हुआ है ,कार्रवाई प्रशासन द्वारा किया गया, और हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। आने वाले दिनों में अवैध बालू खनन के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।




