दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : भारतीय सेना द्वारा हाल ही में चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” में 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया। यह कार्रवाई अत्यंत सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी, जिसका उद्देश्य आतंकी ढांचे की रीढ़ पर वार करना था। इन स्थानों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के ठिकाने शामिल थे, जहां आतंक की योजना बनती थी, युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया जाता था, और सीमापार घुसपैठ की तैयारी होती थी।

बहावलपुर और मुर्दिके स्थित केन्द्रों को आतंकवादी गतिविधियों की योजना और प्रशिक्षण का मुख्य स्थान माना जाता था। सियालकोट में हिजबुल मुजाहिद्दीन का ठिकाना भी ऑपरेशन का निशाना बना। पाक अधिकृत कश्मीर के क्षेत्रों – कोटली, मुजफ्फराबाद और बरनाला में स्थित कई आतंकी प्रशिक्षण स्थलों को भी इस मिशन में नष्ट कर दिया गया। इन ठिकानों पर बच्चों और युवाओं को आतंकी हमलों के लिए तैयार किया जाता था। सेना की यह निर्णायक कार्रवाई आतंकी तंत्र को गहरी चोट देने और भविष्य में भारत पर हमले रोकने के लिहाज से मील का पत्थर साबित हो सकती है। ठिकानो के नाम-
1. मरकज सुबहान अल्लाह,बहावलपुर (पंजाब, पाकिस्तान) – जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय
2. मरकज तैय्यबा- मुर्दिके (पंजाब, पाकिस्तान) – लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र
3. सरजल, तेहरा कलन, नोरवाल – (पंजाब, पाकिस्तान) – जैश-ए-मोहम्मद का लॉन्च पैड
4. मेहमूना जोया फैसेलिटी,सियालकोट (पंजाब, पाकिस्तान) – हिजबुल मुजाहिद्दीन का ऑपरेशनल साइट
5. मरकज अहले हदीस,बरनाला (भीमबर, पीओके) – लश्कर-ए-तैयबा का घुसपैठ केंद्र
6. मरकज अब्बास, कोटली (पीओके) – जैश-ए-मोहम्मद का ठिकाना
7. मसकर राहील शाहिद, कोटली (पीओके) – हिजबुल मुजाहिद्दीन का प्रशिक्षण केंद्र
8. शवई नल्लाह कैंप, मुजफ्फराबाद (पीओके) – लश्कर-ए-तैयबा का भर्ती और ट्रेनिंग कैंप
9. मरकज सैयदना बिलाल, मुजफ्फराबाद (पीओके) – जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मुख्यालय




