रांची : झारखंड की पारंपरिक पहचान और लोक जीवन से जुड़े प्रमुख पर्व सरहुल को लेकर राज्य में उत्साह का माहौल बनना शुरू हो गया है। इसी संदर्भ में कांके स्थित केंद्रीय सरना समिति के प्रतिनिधियों ने झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें 19 मार्च 2026 को आयोजित झारखंड स्तरीय नागपुरी सांस्कृतिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
यह सांस्कृतिक कार्यक्रम सरहुल पूजा की 47वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले सरना मैदान, कांके में आयोजित किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य नागपुरी लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक कला को मंच प्रदान करना तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। इस समारोह में क्षेत्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियाँ और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर पारंपरिक सम्मान प्रकट किया।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष रंजीत टोप्पो, सचिव सूरज टोप्पो तथा संरक्षक सुमित टोप्पो सहित कई सदस्य मौजूद रहे। इनके अलावा फूलमनी टोप्पो, मोहन उरांव, पेपला पहान, गुड़िया टोप्पो और मनीष कुमार भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान विधायक राजेश कच्छप और सुरेश कुमार बैठा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण को स्वीकार करते हुए आयोजन की सफलता की कामना की और राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम झारखंड की लोक विरासत को मजबूत करते हैं।



