रांची : बिहार झारखंड उत्तर प्रदेश में प्रमुख रूप से मनाए जाने वाले सूर्य देवता की चैती छठ रविवार को नहाय खाय के साथ आरंभ हो गया है. नदी घाटों में स्नान के बाद व्रत धारी कद्दू भात के सात्विक भोजन ग्रहण कर इस आस्था के पर्व की शुरुआत की गई. चार दिनों तक चलने वाले इस निर्जला व्रत के प्रथम दिन नहाए खाए के बाद कल खरना पर गुड़ के बने खीर भात ग्रहण करेंगे.

इसके उपरांत निर्जला रहकर, 24 को नदी घाटों में डूबते सूर्य और 25 को उगते सूर्य अर्ध्य देने के साथ चैति छठ संपन्न होगी.मान्यता है कि चैती छठ चैत्र महीने में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा के लिए मनाया जाने वाला चार दिवसीय महापर्व है। यह मुख्य रूप से संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, आरोग्यता और मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है। यह पर्व सूर्य की उच्च ऊर्जा मेष राशि के दौरान मनाया जाता है, जो शारीरिक-मानसिक शुद्धि और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करता है।




