रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में दो प्रमुख संस्थाओं—ऊर्जा निगम और पर्यटन विकास निगम—से करोड़ों की धोखाधड़ी से जुड़े मामले को अपने अधीन ले लिया है। ईडी ने इस संबंध में नई इंफोर्समेंट केस इनफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है। पहले इस मामले में धुर्वा थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसके आधार पर ईडी ने विस्तृत पड़ताल शुरू की है।

एफआईआर में ऊर्जा निगम और दो बैंकों के सात वरिष्ठ कर्मियों पर संलिप्तता का संदेह जताया गया है। इनमें लेखा विभाग के अधिकारी और एक बैंक शाखा प्रबंधक शामिल हैं। कथित तौर पर, गलत सूचना देकर बैंक से अवैध ट्रांसफर कराए गए। जांच एजेंसियों का मानना है कि बैंक ने लाभार्थियों की जांच नहीं की, जिससे घोटाला संभव हो सका। इस बीच, झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान शाखा (सीआईडी) भी मामले की तहकीकात कर रही है। अब तक कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और 39.70 करोड़ रुपये की राशि को विभिन्न खातों से जब्त किया गया है। एसआईटी को लगभग 300 संदिग्ध खातों का पता चला है, जिनमें अधिकतर उत्कर्ष स्मॉल फाइनांस बैंक में हैं।




