रांची: राज्य पंचम वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कुछ प्रमुख सिफारिशें की हैं। आयोग ने राज्य सरकार के राजस्व में इन संस्थाओं की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत निर्धारित करने की सलाह दी है। इसके अलावा, आयोग ने राज्य के वित्तीय स्रोतों से इन दोनों संस्थाओं के बीच धन वितरण के लिए विभिन्न सूत्रों का प्रस्ताव रखा है।

पंचायती राज संस्थाओं को आबादी और क्षेत्रफल के आधार पर 90 प्रतिशत और 10 प्रतिशत वेटेज देने की सिफारिश की गई है, जबकि शहरी स्थानीय निकायों के लिए यह वेटेज 75 प्रतिशत और 25 प्रतिशत रखा गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार से यह भी कहा गया है कि वह प्रति व्यक्ति धन आवंटन को बढ़ाए, जो वर्तमान में 527.8 रुपये है, ताकि ये संस्थाएं आर्थिक रूप से अधिक सशक्त हो सकें। आयोग ने शहरी क्षेत्रों में वाणिज्यिक संपत्ति कर के मूल्यांकन और वसूली की प्रक्रिया को दुरुस्त करने की भी सलाह दी है, ताकि नगर निगमों का राजस्व बढ़ सके। इन सिफारिशों का प्रभाव 2024-25 और 2025-26 के वित्तीय वर्षों में देखा जाएगा।




