रांची : झारखंड के बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड स्थित भंडारीडीह पंचायत के फुलवारी टोला में रविवार को एक गंभीर घटना ने पूरे क्षेत्र को चिंतित कर दिया। एक ही परिवार के नौ बच्चे खेलते-खेलते बगीचे में पहुंचे और वहां मौजूद किसी अज्ञात वन्य फल को खा लिया। कुछ समय बाद बच्चों में अस्वस्थता के लक्षण दिखाई देने लगे। उन्हें उल्टी, सिर घूमना और घबराहट जैसी समस्याएं होने लगीं, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। परिवार के सदस्यों ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सभी बच्चों को फुसरो अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया।
चिकित्सकों ने बच्चों की जांच शुरू की और आवश्यक उपचार दिया। डॉक्टरों के अनुसार प्रभावित बच्चों की आयु चार से पंद्रह वर्ष के बीच थी। शुरुआती परीक्षण में कुछ बच्चों की हालत अधिक नाजुक पाई गई। उनमें से दो को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बोकारो सदर अस्पताल भेजा गया। इस दौरान परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया। उनका आरोप था कि सदर अस्पताल में पर्याप्त बिस्तरों की कमी थी और विशेषज्ञ चिकित्सक भी उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने बताया कि अस्पताल कर्मियों ने उन्हें निजी चिकित्सा केंद्र में जाने की सलाह दी।

इसके बाद बच्चों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में चिंता का वातावरण बन गया है। ग्रामीणों का मानना है कि जहरीले पेड़-पौधों और अपरिचित फलों के प्रति जागरूकता की कमी ऐसी घटनाओं को जन्म देती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि लोग खतरनाक वनस्पतियों की पहचान कर सकें। यह घटना बच्चों की सुरक्षा, ग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करती है।





