दिल्ली (प्रतीक सिंह) : बिजनेस से जुड़े मामलों में रॉबर्ट वाड्रा एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुए। यह लगातार तीसरा दिन है जब उन्हें गुरुग्राम की जमीन डील में कथित वित्तीय अनियमितताओं के सिलसिले में बुलाया गया है। वाड्रा ने इससे पहले मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस सौदे को लेकर पहले ही जांच एजेंसियों ने उन्हें निर्दोष बताया था।

उनका कहना है कि 2019 और 2020 में उन्हें हरियाणा सरकार और संबंधित अफसरों से स्पष्टता मिल चुकी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वे पूर्व में सभी दस्तावेज़ और जवाब दे चुके हैं, तो सात वर्षों बाद फिर से तलब किए जाने का मकसद क्या है? वाड्रा ने इस पूरी प्रक्रिया को सत्ता द्वारा प्रेरित बताया और इसे राजनीति से प्रेरित बदले की कार्रवाई करार दिया। ईडी दफ्तर पहुंचने से पहले उन्होंने राजनीतिक पारी शुरू करने की बात दोहराई और कहा कि उन्हें लोगों का समर्थन प्राप्त है। वे परिवार की सहमति और आशीर्वाद से सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगे। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ चार्जशीट को सत्तारूढ़ दल की रणनीति बताया और कहा कि यह ध्यान भटकाने का प्रयास है।




