दिल्ली : भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच वहां रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व दिया है। खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय श्रमिक, विद्यार्थी और पेशेवर कार्यरत हैं, जिनकी स्थिति हालिया सैन्य गतिविधियों के कारण प्रभावित हुई है। नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की है।
जबकि कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने संबंधित एजेंसियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय विभिन्न दूतावासों के माध्यम से भारतीय समुदाय से लगातार संपर्क बनाए हुए है। हवाई और समुद्री मार्गों पर उत्पन्न व्यवधान के चलते निकासी प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इसके बावजूद, नागरिक उड्डयन कंपनियों, वायु सेना और नौसेना के साथ तालमेल स्थापित कर संभावित वापसी योजना तैयार की जा रही है।

कुछ प्रांतीय प्रशासन ने भी सहायता केंद्र स्थापित कर अपने लोगों का पंजीकरण शुरू किया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहयोग दिया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, चरणबद्ध तरीके से स्वदेश वापसी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर भारतीय की सलामती उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।



