बिहार : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और बिहार एटीएस ने नालंदा जिले में एक बड़े आपरेशन के तहत हथियार तस्करी का पर्दाफाश किया। सोमवार तड़के सुबह 4 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई छह स्थानों पर संपन्न हुई, जिनमें बिहारशरीफ के लहेरी मोहल्ला स्थित ‘पीके गन हाउस’ और ‘रवि ज्वेलरी’ शामिल थे। छापेमारी लगभग 9 घंटे चली, जिसमें टीम ने डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए।
जांच में पता चला कि गोलियों और बंदूकों की खरीद-बिक्री के लिए वित्तीय लेन-देन ‘कस्टमर सर्विस पॉइंट’ (सीएसपी) केंद्रों के माध्यम से हो रहा था। गिरोह का नेतृत्व करने वाला व्यक्ति अपने परिवार के खातों और सीएसपी संचालक कुंदन के जरिए गिरफ्त में आए तस्कर मो. परवेज तक रकम भेजता था। हिलसा और चिकसौरा के सीएसपी केंद्रों से डिजिटल सामग्री और डीवीआर भी जब्त किए गए हैं।

एनआईए ने इस नेटवर्क को महत्वपूर्ण बताया और इसके संचालन में शामिल प्रमुख सदस्य सत्येंद्र सिंह की पहचान की है। इस छानबीन ने हथियारों की तस्करी के जाल और उसके वित्तीय नेटवर्क के काम करने के तरीके को उजागर किया। कार्रवाई से यह संदेश भी गया कि राज्य में अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। यह घटना राज्य की सुरक्षा एजेंसियों की समन्वित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, जिसने अपराधियों के जटिल नेटवर्क को नष्ट करने में मदद की।




