रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की 41 लड़कियां तमिलनाडु के त्रिपुरा जिले स्थित कीवी कॉटपिन मिल (पी) एलटीडी कंपनी में कार्यरत थीं। 4 दिसंबर को झारखंड सरकार के श्रम एवं नियोजन मंत्री और मंझगांव के विधायक के आदेश पर पश्चिमी सिंहभूम के डीसीपीओ और श्रम अधीक्षक ने कार्रवाई शुरू की। यह मामला कंट्रोल रूम को प्राप्त आवेदन के बाद सामने आया। कंट्रोल रूम ने तुरंत पहल करते हुए कंपनी के सुपरवाइजर, साइड इंचार्ज और गांव के एजेंट से संपर्क स्थापित किया। इसके बाद ग्यारह लड़कियों को कंपनी से निकाला गया। ट्रेन छूटने के कारण उन्हें एक दिन रुकना पड़ा, लेकिन आज उन्हें दोपहर 12 बजे ट्रेन में बैठा दिया गया।

इन लड़कियों की वापसी की व्यवस्था कंपनी ने की, जिसमें उनकी यात्रा के लिए ट्रेन टिकट उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही, कंपनी ने ग्यारह लड़कियों को मेहनताना राशि के रूप में कुल ₹1,04,900/- का भुगतान भी किया। यह कार्रवाई लड़कियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की गई। इससे झारखंड सरकार और प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का पता चलता है। वही श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर ने पूरे मामले के विषय में बताते हुए कहा कि शेष बची लड़कियां जनवरी और फरवरी में वापस आ जाएंगी।




