काराकाट(रोहतास) : श्री श्री 1008 श्री रामानुजाचार्य वैष्णवमणि जगतगुरु स्वामी श्री नारायणाचार्य जी महाराज के सानिध्य में काराकाट प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुंजी के निज ग्राम भरत कस्बा में आयोजित सात दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन जो देखने में काफी अद्वितीय रहा । धर्म की गंगा में सभी श्रद्धालुगण गोता लगा रहे हैं । जिसमें पौराणिक कथाओं का ज्ञान धारा बह रही है ।

जिसमें उज्जैन से पधारे राष्ट्रीय संत सह कथावाचक श्री रूप कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने श्रीमद् देवी भागवत महापुराण का अद्भुत वाचन पारिवारिक प्रेम,जातिवाद नियंत्रण एवं बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ जैसी नारी जाति के सम्मान की महिमा को सुनाया । जिसमें नशा मुक्ति जैसे मुद्दों पर बढ़ चढ़कर राष्ट्रीय संत सह कथावाचक श्री शास्त्री जी महाराज ने श्रद्धालुओं को बताया । बताया कि हमारी भारतीय संस्कृति में नारी आदिकाल से ही सर्व शक्तिमान एवं पूजनीय भी रही है । उन्होंने कथा का रसपान कराते हुए बताया कि हमारी भारतीय संस्कृति मातृ सत्ता की रही है । जो हमारे ज्ञान और विवेक की अधिष्ठात्री मां सरस्वती,शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा एवं ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री मां लक्ष्मी मानी गई है । नारी को इन तीनों रूपों में रखकर भारतीय मनीषियों ने हमारी पूरी भारतीय संस्कृति को बांध दिया है । साथ ही साथ श्री दिलीपाचार्य जी महाराज अयोध्या से पधारे हुए श्री राम कथा का प्रसंग सुनाकर भक्तों का मन मोह लिया । उक्त अवसर पर जगतगुरु स्वामी श्री नारायणाचार्य जी महाराज ने भी अपने आध्यात्मिक प्रवचन सुनाकर श्रीभक्तों को सत्य मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी । उक्त अवसर पर प्रवचन पंडाल में हजारों की संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे ।




