जमशेदपुर : रंगरेटा महासभा झारखंड के द्वारा शिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह की 320 वा शहीदी दिवस पर दो दिवसीय शहीदी दिहाड़ा का आयोजन जमशेदपुर के एग्रीको ट्रांसपोर्ट मैदान में किया गया है । इसे लेकर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह गिल ने जानकारी दी कि, यह शहीदी दिहाड़ा, शिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह एवं चार शहजादे के जीवन गाथा एवं प्रदर्शनी लगाई गई है,जिसके माध्यम से संगत उनके जीवनी को करीब से समझ रहे है।वहीं कोलकाता से परमजोत कौर अपनी टीम के साथ आई है जिनके द्वारा अपने वाणी से शहीद जीवन सिंह की जीवन पर प्रकाश डाल रही है ,जिससे नई पीढ़ी अपने गुरुओं के जीवनी को भली भांति समझ सके।

शहीदी दिहाड़ा के बारे बताया जाता है कि सिखों के नवे गुरु, गुरु गोविंद सिंह के पिता की औरंगजेब के शासनकाल में सर कलम कर देने के बाद यह फरमान जारी की गई थी कि जो भी उनका अंतिम संस्कार करने आयेगा उसका हर्ष भी यही होगा। लेकिन वीर जीवन सिंह ने ही उनके शीर्ष(सिर) को लेकर उनके पुत्र गुरु गोविंद सिंह को ले जाकर दी थी।दो दिवसीय इस कार्यक्रम में आने वाले संगत के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रथम दिन 10 हजार संगतों ने लंगर चखा।




