Saraikela (संजीव मेहता) : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार में दो पक्षीय झगड़े में गई करनी सेना अध्यक्ष की जान के विरोध में भाजपा प्रदेश कमेटी ने 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद बुलाई थी, लेकिन मृतक के आदित्यपुर के निवासी होने की आड़ में आदित्यपुर के भाजपाई भी इस बंद को समर्थन करते हुए आज आदित्यपुर के बाजार हाट दुकानों को बंद कराने निकल पड़े.
हालांकि बंद कराने निकले भाजपाईयो को पुलिस ने तत्काल हिरासत में लेकर थाने में बिठा दिया और आदित्यपुर बंद को विफल कर दिया है. बता दें कि द्वीपक्षीय झगड़े में गई युवक की जान पर भाजपा राजनीति करते हुए पूरे राज्य की विधि व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए यह बंद बुलाई थी. लेकिन सोचने वाली बात यह भी है कि जब सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए हत्यारे के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए जहां 10 में से 5 को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है और फरार आरोपी विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए 2 लाख रुपए के इनाम की घोषणा कर चुकी है.

इतना ही नहीं सरायकेला डीसी ने सरकार के निर्देश पर मृतक की पत्नी को योग्यता अनुसार नौकरी देने के लिए ऑफर लेटर तक सौंप चुकी है. इसके बावजूद भाजपाई राजनीति करने पर तुले हुए हैं. हालांकि आज की बंदी प्रभावहीन रही और बन्द का मिलाजुला असर देखने को मिला. आधी से ज्यादा दुकानें खुली रही औऱ सड़कों पर वाहन दौड़ते रहे. आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार ने आदित्यपुर के मेयर संजय सरदार के नेतृत्व में बंद कराने निकले समर्थकों को एस टाइप चौक से और विहिप नेताओं को टोल ब्रिज मोड़ से गिरफ्तार कर बंद को असरहीन बना दिया है.






