Saraikela (संजीव मेहता) : आदित्यपुर नगर निगम की कार्यशैली पर यहां की जनता सवाल उठाने लगे हैं. निगम के मेयर जहाँ जनता की बातें न सुनकर अपनी पार्टी भाजपा के कार्यक्रमों में ज्यादा सक्रियता दिखा रहे हैं, वहीं डिप्टी मेयर की कार्यकुशलता अब तक आदित्यपुर की जनता को देखने को नहीं मिल रही है. जबकि निगम की बोर्ड गठन के 4 माह होने को हैं.
आदित्यपुर के लोगों ने बताया कि प्रतिदिन कचरों का उठाव जहां अनियमित है वहीं मानसून से पूर्व हर वर्ष युद्धस्तर पर होनेवाली नालिन की सफाई भी इस बार नहीं कराई गई है. इस बात को लेकर आम जनता पूछना चाहती है आखिर जाम पड़ी नालों के मुँह पर जमी जलकुम्भी कब साफ करवाएंगे नगर निगम प्रशासन. जैसे ही आदित्यपुर में मानसून की लगातार मूसलाधार बारिश होगी यहां की गलियों और नीचे के घरों में नाली का पानी भरना तय है.

वार्ड 17 के एक जिम्मेदार नागरिक और उद्यमी संगठन एसिया के उपाध्यक्ष सुधीर सिंह ने बताया कि उनके द्वारा प्रशासक से मिलकर 7 एलएफ के नालों की सफाई और उसके मुँह पर जमे जलकुंभी को साफ करने की मांग लिखित रूप से कर चुके हैं लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि समूचे आदित्यपुर के नालों की कमोबेश यही स्थिति है. इस बात से नगर निगम के प्रति आदित्यपुर की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है.






