रांची: सरायकेला / जमशेदपुर : कोल्हान क्षेत्र में बढ़ते अपराधी एवं अपहरण की घटनाओं के बीच लोग अक्सर पूर्व कोल्हान डीआईजी अजय लिंडा को याद कर रहे हैं। पूर्व कोल्हान डीआईजी अजय लिंडा के कार्यकाल में अपराधियों पर कड़ा नियंत्रण था, और अपराधों पर शीघ्र और सख्त कार्रवाई की जाती थी। उनकी खुफिया तंत्र काफी मजबूत थी, और वे खुद भी अपराधियों पर कार्रवाई के लिए सक्रिय रूप से घटनास्थल पर पहुंचते थे। अजय लिंडा के समय में अपराधियों के खिलाफ कड़ी मुहिम चलाई जाती थी। जिससे अपराधीक घटनाओं में कमी आई थी। आज भी लोग जब भी अपराधों, एवं अपहरण के शिकार होते हैं, तो अजय लिंडा को याद करते हैं।

आदित्यपुर थाना क्षेत्र में घटित एक हत्या की घटना को लेकर अजय लिंडा दो दिन आदित्यपुर में कैंप करते हुए। जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां जिले के पुलिस पदाधिकारी के साथ बैठक कर ,शीघ्र मामले को उद्वेदन किया गया था। इस समय कोल्हान क्षेत्र में अपराध, एवं अपहरण की घटनाएं घट रही हैं। कैरव गांधी की अपहरण की घटना ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है।
शासन प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं। चर्चाओं के अनुसार अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी नहीं होने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि काश: अजय लिंडा पूर्व डीआईजी कोल्हन होते।




