रांची : झारखंड सरकार ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य के लिए विभिन्न योजनाओं के अनुदान में कटौती की है, जिससे विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव के सवाल का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही केंद्र से मिलने वाले अनुदान, ऋण और योजनाओं पर अध्ययन करेगी।
सरकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2022-23 में झारखंड को केंद्र से 8,828.89 करोड़ रुपये, 2023-24 में 8,980.63 करोड़ रुपये और 2024-25 के पहले छह महीनों में 5,736.27 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। कुमार ने कहा कि केंद्रीय अनुदान में कमी के कारण राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है।

यादव ने आरोप लगाया कि बिहार को झारखंड से कहीं अधिक अनुदान प्राप्त हुआ। कुमार ने स्वीकार किया कि राज्य और पड़ोसी राज्यों के लिए मिलने वाले अनुदानों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा और इसके परिणामस्वरूप एक रिपोर्ट जारी की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी, विधायक कल्पना सोरेन ने केंद्र से मिले ऋण के आंकड़े पूछे, जिस पर मंत्री ने जानकारी दी कि 2008 से 2020 तक राज्य को विभिन्न ऋणों के रूप में भारी राशि प्राप्त हुई।




