दिल्ली (प्रतीक सिंह): भारत सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम में बदलाव पर विचार कर रही है, ताकि अधिग्रहीत भूमि के उचित उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके। वर्तमान में यदि किसी भूमि का इस्तेमाल पांच वर्षों तक नहीं होता, तो उसे वापस भूमि के असली मालिक को सौंपने का प्रस्ताव है। यह कदम राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को तेज करने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए उठाया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि मौजूदा कानून के तहत अधिग्रहीत भूमि को पुनः गैर-अधिसूचित करने का कोई प्रावधान नहीं है, जो अब नए संशोधन के माध्यम से हल किया जाएगा।

नई प्रक्रिया से राजमार्ग निर्माण और सड़क सुविधाओं के विकास में तेजी आएगी। इस बदलाव का उद्देश्य सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को सरल बनाना है, ताकि बुनियादी ढांचे के निर्माण में कोई रुकावट न आए। साथ ही, यह प्रावधान आने वाले वर्षों में सड़क निर्माण के बढ़ते मांग को पूरा करने में सहायक साबित होगा। यह संशोधन मंत्रिमंडल और संसद से मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।




