सरायकेला-खरसावां: जिले में काम करने वाले मजदूरों को उनका हक दिलाने को लेकर श्रम विभाग सख्त रुख अपना रहा है। श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि जो कंपनियां श्रम कानून का उल्लंघन करेंगी, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी कानून का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा, चाहे वह छोटी हो या बड़ी कंपनी।
श्री ठाकुर ने बताया कि जिले में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कंपनियां मजदूरों को तय न्यूनतम वेतन से भी कम राशि दे रही हैं और नियमानुसार सुविधा नहीं दे रही हैं। ऐसे मामलों की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जो औद्योगिक क्षेत्रों में जाकर औचक निरीक्षण करेगी और उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कंपनियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि श्रम कानून मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं, और इनका पालन करना हर कंपनी की जिम्मेदारी है। यदि कोई कंपनी श्रमिकों से अधिक काम करवा रही है, ओवरटाइम का भुगतान नहीं कर रही है, या श्रमिकों का ईपीएफ, ईएसआई जैसे लाभ नहीं दे रही है, तो उन पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, दोहराव की स्थिति में कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कंपनियों का नियमित निरीक्षण करें और मजदूरों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानें। यदि किसी मजदूर को वेतन संबंधी या अन्य श्रमिक कानूनों के उल्लंघन की शिकायत है, तो वह शिकायत दर्ज करा सकता है। श्रम अधीक्षक ने सभी कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त रखें, और मजदूरों को नियमानुसार सुविधाएं दें। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सभी को न्याय दिलाना है। अगर कंपनियां सहयोग करेंगी, तो माहौल बेहतर बनेगा और औद्योगिक विकास में भी सकारात्मक असर पड़ेगा।




