रांची : शराब घोटाले मामले में राज्य की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की नजर अब केवल बड़े अधिकारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए कुछ जिलों के सहायक उत्पाद आयुक्तों और उत्पाद अधीक्षकों तक की चर्चाओं के अनुसार बातें होने लगी है। सूत्रों के अनुसार, एसीबी को कुछ जिलों में शराब नीति के क्रियान्वयन में गड़बड़ियों, नियमों की अनदेखी और अवैध रूप से लाभ पहुंचाने के आरोपों में इन अधिकारियों की संलिप्तता के संकेत मिल सकते हैं।

एसीबी अब इन अधिकारियों की भूमिका पर निगाहें रखकर भी जांच कर सकती है। निजी स्वार्थ या उच्च स्तर से मिले निर्देशों के चलते घोटाले को नजरअंदाज किया या उसमें प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी निभाई। जांच के दायरे में आए अधिकारियों की संपत्तियों और उनके बैंक खातों की भी पड़ताल शुरू हो चुकी है। यह कार्रवाई सरकार के उस संकल्प का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है। एसीबी का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।




