Saraikela (संजीव मेहता) : सिख धर्म एवं सिख राज के समय चलने वाले सिक्कों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. शहर के सीतारामडेरा स्थित गुरुद्वारा बाबा दीपसिंह के प्रागंण में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सोनारी के रहने वाले सरदार मोहिंदर सिंह भूईं द्वारा सिख धर्म एवं सिख राज के समय चलने वाले सिक्कों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. जिसे देखने के लिए संगत में काफी उत्सुकता देखी जा रही है.
इस संबंध में सिक्कों का कलेक्शन करने वाले सरदार मोहिंदर सिंह भूईं ने मीडिया को बताया कि वह इस प्रकार के ऐतिहासिक सिक्कों का कलेक्शन वह लगभग 11 सालों से कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सिक्खिज्म से संबंधित सिक्कों के अलावा उनके पास सिखिज्म से संबंधित स्टांप टिकट का भी कलेक्शन है. भारत सरकार द्वारा विशेष अवसरों पर सिख गुरुओं, योद्धाओं, शहीदों पर भी सिक्के जारी किए जा चुके है,उनका भी कलेक्शन है. मोहिंदर सिंह भूईं ने कहा कि यह कार्य वह अपने शौक से करते हैं, और लगभग 20 वर्षों से सिखों से संबंधित स्टांप टिकट एवं सिक्कों का कलेक्शन कर रहे हैं.

* क्या है उद्देश्य- सरदार मोहिंदर सिंह भूईं ने बताया कि सिक्कों एवं स्टांप टिकट की प्रदर्शनी लगाने का मुख्य उद्देश्य सिख समुदाय के लोगों खासकर युवाओं और बच्चों को अपने सिख इतिहास की जानकारी देकर जागरुकता को बढ़ावा देने का है. बताते चलें कि सरदार मोहिंदर सिंह भूईं वर्तमान में घम्हरिया स्थित इंडो डेनिश टूल रुम मे कार्यरत हैं. उन्होंने मीडिया को बताया कि उनके पास महाराजा रणजीत सिंह एवं बंदा सिंह बहादुर के समयकाल के दुर्लभ सिक्के मौजूद हैं. जिन्हें संगत प्रदर्शनी के दौरान देख सकती है. इसके अलावा सिखों द्वारा विदेशी धरती पर जो सिखी का परचम लहराया था. उससे प्रभावित होकर फिजी एवं सिंगापुर जैसे देशों ने भी सिख समुदाय से संबंधित सिंगापुर और फिजी के डॉलर पर सिख की फोटो अंकित है. जिनका कलेक्शन भी उनके पास मौजूद है. जिसमें फारसी एवं गुरमुखी भाषा अंकित है. उनके पास मुल मंत्र लिखा हुआ सिक्का कॉपर धातु का बना हुआ मौजूद है.




