रांची: जमशेदपुर के चर्चित और लोकप्रिय उद्यमी अरुण पाठक ने रक्तदान के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने 1985 में पहली बार रक्तदान किया था और 2019 में 100वीं बार रक्तदान करके एक मिसाल पेश की थी। उनका रक्त समूह AB+ है, जो दुर्लभ होता है, और उनकी नियमित रक्तदान करने की आदत ने उन्हें इस क्षेत्र में एक प्रेरणास्त्रोत बना दिया है।

शहर के जाने-माने चर्चित और लोकप्रिय व्यवसायी अरुण कुमार पाठक ने 150 से अधिक बार रक्त कर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर, इतिहास रच कर, रिकॉर्ड बना दिया है। रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जमशेदपुर के सोनारी सामुदायिक भवन में टाटा स्टील फाउंडेशन के सौजन्य से सम्मानित किया गया, साथ ही साथ कई सामाजिक संगठनों द्वारा उन्हें रक्तदान करने के क्षेत्र में रिकॉर्ड बनाने के लिए उन्हें सम्मानित किया है। अरुण पाठक ने इसे मानवता के प्रति सबसे पुनीत कार्य बताते हुए युवाओं से बढ़ चढ़कर रक्तदान के क्षेत्र में भाग लेने की अपील की है। उनकी पत्नी वीना अरुण पाठक ने इस कार्य में कदम में कदम मिलाकर चलती है, और परछाई की तरह हर संभव सहयोग और मदद करती हैं। वीना अरुण पाठक ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनके घर के सभी सदस्य इस सेवा कार्य में सक्रिय रहते हैं, जो समाज के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है। आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में केशव कुमार रंजन (सेंटर प्रमुख), अनुराग पाठक सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मौजूद रहे। अरुण पाठक के जीवन में नियमित रक्तदान करना एक अहम आदत बन गया है । जो युवा पीढ़ी के लिए जागरूक करता एक प्रेरणा स्रोत है। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर उनके मित्रों ने भी रक्तदान करना शुरू कर दिया है। जिससे अरुण पाठक का यह रक्तदान अभियान , सामाजिक जागरूकता के लिए लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर, प्रतीक बन गया है। उनकी इस उपलब्धि को देखते हुए, जमशेदपुर ब्लड बैंक ने उन्हें सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की। अरुण पाठक का यह कदम न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह समाज में रक्तदान के महत्व को उजागर करता है और दूसरों को भी इस दिशा में प्रेरित करता है।




