
रांची: यह कथन सत्य है कि सियासत एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ रंजिशें और विचारधाराओं की टक्कर होती है। शिबू और सुनील सोरेन के परिवार के बीच सियासी प्रतिस्पर्धा का माहौल है। इस वक्त, सीता सोरेन बीजेपी की टिकट पर लड़ रही है, जो पहले सुनील सोरेन की देन थी। परिवार में आपसी विवादों और जीते गए चुनावों के बाद, यह साबित होता है कि सियासत में कुछ भी हो सकता है।इस संघर्ष में, बाबूलाल मरांडी का भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुनील सोरेन के साथ खड़े होकर समर्थन प्रदान किया और उन्हें चुनाव जीतने में मदद की। अब, उनकी नजर सीता सोरेन की जीत पर है।जिसने उनके परिवार के साथ मिलकर सामाजिक और राजनीतिक मामलों में स्थिरता प्रदान की।
इस सभी दिलचस्प रूप में, दुमका लोकसभा चुनाव एक महत्वपूर्ण संघर्ष का माध्यम है, जो सियासती दलों और नेताओं के बीच की जानी-मानी जंग को दर्शाता है। इस चुनाव में सीता सोरेन और सुनील सोरेन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, और उनकी रणनीति और कार्रवाई इसे और भी रोचक बनाती है।




