रांची : साहिबगंज जिले में गैरकानूनी पत्थर उत्खनन से जुड़े मामले ने अब एक अहम चरण में प्रवेश कर लिया है। इस प्रकरण की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी की एक विशेष इकाई जिले में पहुंच चुकी है और यहीं रुककर जांच प्रक्रिया को और तेज कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि छह सदस्यीय यह दल कुछ दिनों तक साहिबगंज में रहकर मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन करेगा। टीम के आगमन के बाद से प्रशासनिक और कारोबारी हलकों में खलबली मच गई है।
जानकारी के अनुसार, जांच दल ने अपनी पड़ताल की शुरुआत दो स्टोन क्रशर परिसरों के भौतिक निरीक्षण से की। इस दौरान उपकरणों की कार्यक्षमता, जमा किए गए पत्थरों की मात्रा और संचालन के तौर-तरीकों का सूक्ष्म अवलोकन किया गया। साथ ही अब तक निकाले गए खनिज की कुल मात्रा और उससे हुई संभावित आय का अनुमान लगाने की प्रक्रिया भी चल रही है।

इसके अतिरिक्त, खनन विभाग से संबंधित अभिलेख और नींबू पहाड़ क्षेत्र भी जांच के घेरे में आ गए हैं। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी शीघ्र ही जिला खनन कार्यालय पहुंचकर लीज स्वीकृति, अनुमति पत्र, उत्पादन विवरण और परिवहन रिकॉर्ड की बारीकी से समीक्षा कर सकती है। जांच एजेंसी की इस सख्ती से अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों की बेचैनी बढ़ गई है और आने वाले समय में चौंकाने वाले तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।




