रांची :अरका जैन विश्वविद्यालय द्वारा शोधार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक एवं मानसिक विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक दो दिवसीय रिसर्च रिट्रीट का सफल आयोजन एक रिसॉर्ट में किया गया। इस रिट्रीट में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों से जुड़े शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ शोध विभागाध्यक्ष के स्वागत संबोधन से हुआ।
प्रथम सत्र में एक्सएलआरआई, जमशेदपुर के प्रो. कुमार आलोक ने शोध-पत्र लेखन पर व्यावहारिक व्याख्यान देते हुए शोध की संरचना, समस्या निर्धारण, शोध-अंतराल की पहचान तथा उच्च स्तरीय जर्नल में प्रकाशन की रणनीतियों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।इसके पश्चात डॉ. रीमा डे ने एक्टिविटी-बेस्ड सेशंस के माध्यम से शोध में रचनात्मकता, सहयोगात्मक अधिगम एवं सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, श्री अनुप कुमार सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस विषय पर सत्र में शोध के दौरान उत्पन्न तनाव से निपटने के उपाय बताते हुए ध्यान एवं माइंडफुलनेस का व्यावहारिक अभ्यास कराया।

कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष डॉ. एस. एस. राजी, प्रतिनियुक्त कुलपति प्रो. अंगद तिवारी तथा कुलसचिव डॉ. अमित श्रीवास्तव ने संबोधित करते हुए गुणवत्तापूर्ण, नवाचारी एवं समाजोन्मुख शोध के लिए शोधार्थियों को प्रेरित किया। समग्र रूप से यह रिसर्च रिट्रीट शोधार्थियों के लिए ज्ञानवर्धन, कौशल विकास एवं मानसिक सशक्तिकरण का एक समृद्ध अनुभव सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभागाध्यक्ष डॉ. सोनिया रियात, सीसीएचआरडी की सहायक निदेशक डॉ. चारु वाधवा तथा भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र के समन्वयक डॉ. मनोज कुमार पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




