रांची: झारखंड सरकार के राजस्व संग्रह में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले उत्पाद विभाग की वर्तमान स्थिति काफी दैनीय और चिंताजनक बनी हुई है। विभाग में हाल के दिनों में हुए तबादलों और पदस्थापना के बावजूद कई महत्वपूर्ण पद अब भी प्रभार में चल रहे हैं। अधिकारियों की कमी और रिक्त पदों से विभागीय कार्यों पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुमला जिला रांची के असिस्टेंट कमिश्नर के प्रभार में है, सिमडेगा जिला, लोहरदगा के पदाधिकारी के प्रभार में है, अंकुर बायोकेम, निरसा धनबाद के असिस्टेंट कमिश्नर के प्रभार में है।
वहीं कई जिलों में नियमित पदाधिकारियों की नियुक्ति भी नहीं हुई है। जिससे विभाग के प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ राजस्व संग्रह और अवैध कारोबार पर निगरानी की क्षमता भी कमजोर और प्रभावित हो रही है। जानकारी के अनुसार स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि विभाग के कई अनुभवी अधिकारी अगले कुछ महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। बोकारो के इंस्पेक्टर सुधीर कुमार जून 2026 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। साहिबगंज के सुपरिंटेंडेंट रजनीश कुमार भी जुलाई माह में रिटायर होने वाले हैं। जमशेदपुर में पदस्थापित अरुण कुमार मिश्रा अक्टूबर 2026 में तथा रामगढ़ के अजय कुमार नवंबर 2026 में सेवा से निवृत्त हों जाएंगे।

वहीं वर्ष 2027 की शुरुआत जनवरी माह में भी विभाग को बड़ा झटका लग सकता है। धनबाद के असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार गोड़, दुमका के संजय श्रीवास्तव तथा लातेहार के प्रीति नंदन भगत जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इन अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग में अनुभवी अधिकारियों की संख्या और घट जाएगी। राज्य के लिए महत्वपूर्ण राजस्व जुटाने वाले उत्पाद विभाग में अधिकारियों की कमी, प्रभार आधारित व्यवस्था और लगातार होने वाली सेवानिवृत्तियां भविष्य में विभागीय कार्यप्रणाली के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में समय रहते रिक्त पदों पर नियुक्ति और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की मांग तेज होने लगी है, ताकि राजस्व संग्रह और कानून-व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके





