जमशेदपुर : जमशेदपुर में नेचर संस्था की पहल पर अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान, बागबेड़ा कॉलोनी में स्नातक स्तर की छात्राओं के लिए रचनात्मक काव्य सृजन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से हिन्दी विषय की विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य युवा प्रतिभाओं में साहित्यिक अभिरुचि विकसित करना और उन्हें सृजनात्मक अभिव्यक्ति के विविध आयामों से परिचित कराना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को काव्य की प्रकृति, उसकी संरचना तथा भावनाओं को कलात्मक रूप में अभिव्यक्त करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। प्रशिक्षकों द्वारा काव्य रचना में कल्पनाशीलता, ताल, प्रतीकात्मकता, चित्रात्मकता, शब्द चयन और प्रस्तुति शैली जैसे पक्षों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जा रहा है। विभिन्न अभ्यास सत्रों के माध्यम से छात्राओं को स्वयं रचनाएँ तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस अवसर पर चर्चित साहित्यकार एवं कवयित्री विनीता परमार, कवि सुधीर सुमन तथा लेखिका प्रियंका सिंह विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित हैं। वे प्रतिभागियों को संवेदनशील लेखन, अनुभवों की अभिव्यक्ति तथा सृजनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उपाय बता रहे हैं।

विनीता परमार ने कहा कि श्रेष्ठ रचना की शुरुआत अपने अंतर्मन की अनुभूतियों को समझने से होती है। उनके अनुसार सच्ची भावनाएँ ही किसी भी साहित्यिक कृति की सबसे बड़ी शक्ति होती हैं। वहीं सुधीर सुमन ने बताया कि काव्य केवल भावनाओं का प्रवाह नहीं, बल्कि जीवन और समाज को नए दृष्टिकोण से देखने की कला भी है। प्रियंका सिंह ने नियमित लेखन अभ्यास को सृजन क्षमता निखारने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी निभाई और अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। संस्था से जुड़ी डॉ. कविता परमार ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति, संवेदनशीलता और साहित्यिक समझ को समृद्ध बनाते हैं। आगामी चरणों में रचनापाठ, समीक्षा सत्र तथा चयनित लेखन के संकलन के प्रकाशन की भी योजना है।





