सरायकेला : खूंटी–चाईबासा–सरायकेला क्षेत्र आज पूरी तरह बदलती तस्वीर दिखा रहा है। जिस जमीन पर लंबे समय तक विस्फोट, बंदूकें और गैरकानूनी फसलें हावी थीं, वहां अब उभरते हुए बागानों ने नई उम्मीद जगाई है। पोड़ाहाट केरा रेंज, जो पहले अवैध गतिविधियों और मादक पौधों की वजह से चर्चित था, आज फल, पुष्प और औषधीय पौधों की आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहा है।
स्थानीय समुदाय अब ड्रैगन फ्रूट, केला, सरगुजा जैसी फसलों और गेंदा उत्पादन से बेहतर आय की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। गत वर्ष सुरक्षा बलों ने व्यापक अभियान चलाकर लगभग 2,500 एकड़ क्षेत्र में फैली अवैध पौधों की खेती को पूरी तरह नष्ट किया। इनमें खूंटी के लगभग 1,500 एकड़, चाईबासा के करीब 400 एकड़ और सरायकेला-खरसावां के लगभग 600 एकड़ क्षेत्र शामिल रहे।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने निगरानी और रोकथाम को और सख़्त करते हुए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। अब ड्रोन के माध्यम से कठिन इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी नई अवैध गतिविधि को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके। इस परिवर्तन से यह पूरा बेल्ट हिंसा की यादों से निकलकर स्थायी कृषि और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।




