Saraikela (संजीव मेहता) : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जमशेदपुर के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा “विद्युत वायरिंग : घरेलू और औद्योगिक अनुप्रयोग” विषय पर 5 दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन दिनांक 7 जुलाई से 11 जुलाई 2025 तक किया जा रहा है. इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावसायिक रूप से घरेलू एवं औद्योगिक विद्युत वायरिंग की तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है. कार्यक्रम का उद्घाटन एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार के द्वारा हुआ. उन्होंने उद्घाटन भाषण में कहा, “आज के युग में व्यावहारिक तकनीकी कौशल ही विद्यार्थियों को वास्तविक उद्योग जगत के लिए तैयार करता है. निदेशक ने छात्रों से सवाल जवाब भी किया जिससे छात्र बहुत उत्साहित थे. प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार (डीन, आरएंडसी) ने भी अपने विचार साझा किए और विद्यार्थियों को नवाचार के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया..कार्यक्रम का समग्र मार्गदर्शन डॉ. सुप्रियो दास द्वारा किया गया. उनके तकनीकी दिशा-निर्देशों ने इस कार्यशाला को और अधिक व्यावहारिक और प्रभावशाली बनाया. डॉ. आलोक प्रियदर्शी, डॉ. अन्नयो भट्टाचार्य एवं डॉ. कुंदन कुमार ने योजना से लेकर कार्यान्वयन तक कार्यशाला की संपूर्ण रूपरेखा का सफल संचालन किया. कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में डॉ. रवि भूषण एवं डॉ. शुभांशु कुमार तिवारी रहे जिन्होंने तकनीकी सत्रों, प्रयोगात्मक अभ्यासों और प्रतिभागियों की.
आवश्यकताओं का उत्कृष्ट समन्वय सुनिश्चित किया. कन्वीनर और कोऑर्डिनेटर की कड़ी मेहनत के वजह से बहुत दूर-दूर गांव से छात्र आए. यहाँ इंडो डैनिश टूल रूम और पॉलीटेक्निक के छात्र भी इस वर्कशॉप मे शामिल हुए. यहाँ करीब 58 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया. इस कार्यशाला की सफलता में पीएचडी शोधार्थियों का भी अहम योगदान रहा. जिनमेअभिषेक कुमार सिन्हा, रंजन कुमार, आनंद कुमार, अमित आर्यन और अमित भारती ने तकनीकी, पंजीकरण, लॉजिस्टिक्स और ग्राउंड समन्वय से संबंधित सभी कार्यों को अत्यंत कुशलता से संभाला. इसके अतिरिक्त, द्वितीय वर्ष की छात्रा रोशनी कुमारी ने भी आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के मार्गदर्शन एवं संचालन में सराहनीय सहयोग प्रदान किया. उनकी सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सहज रूप से संचालित करने में सहायता की.




