सरायकेला : सरायकेला–खरसावां जिले का उत्पाद विभाग किसी न किसी रूप में हमेशा सुर्खियों में बने रहता है। विभाग के पदाधिकारीयों पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं। कभी हाजत से फरार कैदियों का मामला, तो कभी बीच रास्ते से आरोपियों को छोड़ने के आरोप, और कभी अवैध वसूली की चर्चाएं। ऑफिस और अधिकारियों की इर्द-गिर्द दलालों की रहने की चर्चाएं आम बातें हो गई है। अधिकारियों द्वारा प्राइवेट आदमी रखकर वसूली कराए जाने की चर्चाएं भी
इन दिनों वह पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। क्यों कि उत्पाद विभाग के अधिकारियों के लिए अवैध शराब कारोबारियों माफियाओं से उनके लिए वसूली का कार्य आम आदमी द्वारा किया जाता है। बताया जा रहा है कि वह प्राइवेट आदमी अधिकारियों के लिए पैसा वसूली कर शराब माफियाओं को संरक्षण दिलाता है और बदले में मोटी रकम वसूलता है।
सूत्रों का दावा है कि प्राइवेट आदमी खुलेआम यह कहता फिरता है कि उसकी “ऊपर तक पहुंच” है, और अधिकारियों से बात भी करा देता है । जिसके कारण कारोबारी डर और मजबूरी में पैसे देने को विवश हो जाते हैं। जिले के कई इलाकों में यह चर्चा आम है कि अवैध शराब का कारोबार बिना किसी रुकावट के चल रहा है और इसके पीछे ऐसे ही कथित बिचौलियों की भूमिका अहम है।
जिले में अवैध शराब कारोबार और उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर हमेशा से गंभीर सवाल खड़े होते आ रहे हैं। अधिकारियों के साथ गठजोड़ को लेकर , सवाल उठते आ रहे हैं और अधिकारी भी यहां वर्षों से जमे हुए हैं जो जांच का विषय है। नए उत्पाद अधीक्षक के लिए सरायकेला खरसावां जिले के डगर आसान नहीं है ।क्यों कि यहां दलाल , माफियाओं,अधिकारियों के गठजोड़ हमेशा बरकरार रहे हैं जिसके कारण ,अधिकारी , समय से पहले ही नप जाते हैं। नए उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मींज से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया। परंतु समाचार लिखे जाने तक फोन रिसीव नहीं किया गया




