रांची: मुहर्रम पर्व को लेकर राज्य पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बरतने और सख्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह पर्व इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होता है और शिया मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर मातमी जुलूस, ताजिया और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए राज्य स्तर पर पहले से ही सुरक्षा की रणनीति तैयार की गई है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के लिए साइबर सेल को सतर्क किया गया है। इसके अलावा अफवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी भी दी गई है।

मुख्यालय के निर्देशानुसार, जुलूस मार्गों की पहले से पहचान कर आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सभी थाना क्षेत्रों में रात्रि गश्ती बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहे। इसके अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर हिंदू-मुस्लिम समुदायों के लोगों से सामंजस्य बनाए रखने की अपील की गई है। किसी भी प्रकार की अफवाह, झगड़े या अव्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) को तैयार रहने को कहा गया है।
राज्य पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम के अवसर पर कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता है कि त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। पुलिस की तैयारियों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है, ताकि मुहर्रम परंपरा और अनुशासन के साथ मनाया जा सके।






