सरायकेला,रांची: सरायकेला–खरसावां जिले का उत्पाद विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। बीते कुछ समय से विभाग पर लगातार गंभीर आरोप लगते रहे हैं। कभी हाजत से फरार कैदियों का मामला, तो कभी बीच रास्ते से आरोपियों को छोड़ने के आरोप, और कभी अवैध वसूली की चर्चाएं। अब इन्हीं आरोपों की कड़ी में एक और नया नाम सामने आया है— **मनोहर**।
प्राप्त जानकारी और विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, मनोहर राजनगर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। इन दिनों वह पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। क्यों कि मनोहर उत्पाद विभाग के अधिकारियों के लिए अवैध शराब कारोबारियों माफियाओं से उनके लिए वसूली का कार्य कर रहा है। बताया जा रहा है कि वह अधिकारियों के लिए पैसा वसूली कर शराब माफियाओं को संरक्षण दिलाता है और बदले में मोटी रकम वसूलता है।
सूत्रों का दावा है कि मनोहर खुलेआम यह कहता फिरता है कि उसकी “ऊपर तक पहुंच” है, और अधिकारियों से बात भी करा देता है । जिसके कारण कारोबारी डर और मजबूरी में पैसे देने को विवश हो जाते हैं। जिले के कई इलाकों में यह चर्चा आम है कि अवैध शराब का कारोबार बिना किसी रुकावट के चल रहा है और इसके पीछे ऐसे ही कथित बिचौलियों की भूमिका अहम है।
फिलहाल, मनोहर का नाम जिले में अवैध शराब कारोबार और उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, अधिकारियों के साथ गठजोड़ को लेकर ,जो यह जांच का विषय। है। सवाल अब यह उठता है कि जिले में इतनी चर्चाओं के बावजूद, क्या जिले के उत्पाद अधीक्षक सौरभ तिवारी अनजान है या जानकर अनजान है।




