सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर अंचल के उत्पाद विभाग में अवैध शराब कुटीर उद्योग के रूप लेते जा रहा है। आदित्यपुर अंचल के विभिन्न क्षेत्रों में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई भी बेरोक-टोक किया जा रहे हैं। उत्पाद विभाग के आदित्यपुर अंचल के अधिकारी आंखें बंद किए हुए मौन है। कभी कभार जनता को दिखाने के लिए आईवास के तौर पर छापामारी की जाती है, मगर छापामारी करने से पहले ही माफियाओं तक सूचनाएं लिक हो जाती है जिससे माफिया अक्सर छापामारी करने से पहले ही फरार हो जाते हैं।
अवैध शराब के सप्लाई के कारोबार करने वाले शराब माफिया द्वारा खुलेआम उत्पाद विभाग एवं प्रशासन को चुनौती दिया जा रहा है। विगत कुछ दिनों पहले उत्पाद विभाग के टीम द्वारा के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए छापामारी कर शराब जप्त कर फरारी का एफआईआर दर्ज किया गया था। मगर कुछ दिन बाद ही फिर से पूर्णरूपेण चालू कर प्रशासन को चुनौती दे डाला।फिर से धड़ल्ले से अवैध कारोबार का काम सुचारू ढंग से बेखौफ होकर शुरू कर दिया गया है। जिससे आसपास के लोगों को कई तरह के परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र के कई झुगी, झोपड़ियों सहित कई जगहों पर अवैध शराब के सप्लाई सहित बैठाकर पिलाएं जा रहे हैं।

जिससे कभी भी बड़ी घटना होने की बातें कही जा रही है। वही सीतारामपुर डैम के भुआ जंगल में भी दखिन बेसरा और डोमा मांझी के अवैध शराब भाठीयों को उत्पाद विभाग द्वारा तोड कर ध्वस्त किया गया था, परंतु ठीक चौथे दिन से बड़े पैमाने पर फिर से चालू करते हुए खुलेआम उत्पाद विभाग और प्रशासन को चुनौती दिया गया। वही वास्को नगर में गोस्वामी नामक व्यक्ति द्वारा खुलेआम बड़े पैमाने पर सप्लाई करते हुए, खुलेआम प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। वही आदित्यपुर दिल्ली बाजार में कन्या मध्य विद्यालय के बगल में भी बेचे जाने की बातें कही जा रही है। वहीं उत्पाद अधीक्षक और प्रशासन द्वारा कार्रवाई करने की बातें कहीं जा रही है। परंतु ठीक इसके उल्टे दिखाई दे रहे हैं। देखना अब यह है कि शराब माफियाओं पर उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन अंकुश लगता है, या यूं हीं शराब माफियाओं के बल्ले बल्ले चलते रहेंगे। काश जिले के उपायुक्त एक नज़र इधर भी डालते।




